जीत गया सोने का तमगा /
चार चाँद लगा दिए/ इस पल को पाने के लिए हमने कितने दिन hai
/ आस लगा कर बैठे hum थे .... कि कोई शेर दहाडेगा और कर्रुप्शन के इस देश में नई उम्मीद जगायेगा
और
आज यही हुआ ki बिंद्रा ने बाज़ी मारी है/ एक बार फिर से देखो सारी दुनिया हारी है /
haalaki उम्मीद नही थी कि जल्दी ऐसा hogayega और २५ साल का लड़का देश कि शान badhayega/
आज ये utsav का ही दिन है /
aao हम भी jhoom ले...और नया ले ये sankalp कि देश के शान badhani है warna uhi मर जाना है ...इतनी si ही kahani है....
जय भारत
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment